रतन टाटा ने छह साल पहले खारिज कर दिया दावा एक बार फिर से सोशल मीडिया पर घूम रहा है. इस धोखेबाजी का वर्तमान वर्जन जातिगत भेदभाव को भड़काने और मुसलमानों के खिलाफ पारसी समुदाय के देशभक्ति मूल्यों की तुलना करने की कोशिश करता है.
संदेश यह दावा करता है कि पाकिस्तानी उद्योगपतियों के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद, यूपीए के पूर्व वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा के द्वारा अनुरोध किये जाने के बावजूद भी रतन टाटा ने पाकिस्तान को टाटा सुमो कारों को बेचने से इनकार कर दिया.
संदेश: “आप बेशर्म हो सकते है, मैं नहीं” ~ रतन टाटा.  26/11 के हमले के कुछ महीनों बाद, टाटा के अपने ताज समूह के होटल ने भारत और विदेशों में अपने सभी होटलों को फिर से तैयार करने के लिए अपना सबसे बड़ा टेंडर शुरू किया. कुछ पाकिस्तानी कंपनियों ने भी उस टेंडर के लिए आवेदन किया. अपनी बोली मजबूत करने के लिए, पाकिस्तान के दो बड़े उद्योगपतियों ने रतन टाटा से मिलने के लिए किसी पूर्व अपॉइंटमेंट के बिना मुंबई के बॉम्बे हाउस (टाटा के हेड ऑफिस) का दौरा किया क्योंकि वह उन्हें पूर्व अपॉइंटमेंट नहीं दे रहे थे. उनको बॉम्बे हाउस के रिसेप्शन पर इंतजार करने लगाया गया और कुछ घंटों के बाद, उन्हें एक संदेश बताया गया कि रतन टाटा व्यस्त है और वह पूर्व अपॉइंटमेंट के बिना किसी से भी मिल नहीं सकते है. ये दो निराश पाकिस्तानी उद्योगपति दिल्ली चले गए और उन्होंने उनके हाई कमीशन के माध्यम से कांग्रेस मंत्री से मुलाकात की. तब मंत्री आनंद शर्मा ने तुरंत रतन टाटा को दो पाकिस्तानी उद्योगपतियों से मिलने और उनके टेंडर पर “उत्साह के साथ/सकारात्मक रूप से” विचार करने का अनुरोध किया.”

रतन टाटा ने जवाब दिया कि… “आप बेशर्म हो सकते हैं, मैं नहीं” और फोन रख दिया. कुछ महीने के बाद जब पाकिस्तानी सरकार ने टाटा सुमो को पाकिस्तान में आयात करने का आदेश दिया, तब रतन टाटा ने उस देश में एक वाहन भी भेजने से इनकार कर दिया. यह अपनी मातृभूमि के लिए उनका सम्मान और प्यार है. उन्होंने देश को पैसे और बिजनेस से ऊपर रखा. केजरीवाल और उनके जैसे लोग उनसे कुछ सीख सकते हैं, जो अपने पाकिस्तानी मास्टर्स को खुश रखने के लिए अधिकतर आतंकवादियों और संप्रदायवादियों को शांत करते हुए देखे जाते हैं. भूले नहीं कि, रतन टाटा पारसी पार्श्वभूमी के व्यक्ति है जो भारतीय उपमहाद्वीप के दो ज़ोरोस्ट्रियन समुदायों में से एक है. उनका समुदाय भारत में छोटा है लेकिन उनमें से प्रत्येक व्यक्ति ने भारत को गर्व महसूस कराया है. जबकि टाटा परिवार देशभक्ति से भरा हुआ है, हमारे पास कुछ तथाकथित अल्पसंख्याक हैं जो या तो मुफ्त की चीजों के लिए भीख मांगते रहते है या फिर पाकिस्तान को बम प्लांट करने में मदद कर रहे हैं. और जब वे पकड़े जाते हैं, तो वे झूठे शिकार हो जाते हैं और आतंकवादियों के रूप में शहीद बन जाते है. इस बात को शेयर करें ताकि यह भारत में रहने वाले लेकिन पाकिस्तान में उनके हैंडलर्स के लिए काम करनेवाले सभी देखरेख करनेवालों तक पहुंच सके.”
वर्तमान में, इस संदेश के विभिन्न वर्जन्स कई फेसबुक पेजों और अकाउंट्स द्वारा शेयर किए जा रहे हैं.

एक और है:

“टाटा ग्रुप ने टाटा सुमो ग्रैंड को खरीदने की पाकिस्तान सरकार के कई-करोड़ के ऑफ़र को ठुकरा दिया.
टाटा ग्रुप के प्रमुख रतन टाटा ने इस ऑफर को यह कहकर ठुकरा दिया कि “भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां शुरू करनेवाले देश के साथ कोई बिजनेस नहीं होगा.”
इस देशभक्ति की भावना के लिए रतन टाटा को एक भव्य सलाम.
दुर्भाग्य से हमारे पास भारत में उनके जैसे बहुत कम सफल लोग शेष हैं जो आर्थिक फायदे से ज्यादा राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय गरिमा को इतना महत्व देते हैं.


इस संदेश की वास्तविक उत्पत्ति कहाँ से हुई है यह अब तक अज्ञात है, लेकिन यह 8 अगस्त 2012 को भारत ऑटो की वेबसाइट पर एक आर्टिकल में प्रकाशित हुआ था, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान टाटा ग्रुप से टाटा सुमो ग्रैंड को पाकिस्तान पुलिस के इस्तेमाल के लिए खरीदना चाहता था. इस आर्टिकल के बाद, यह संदेश फेसबुक जैसे सोशल नेटवर्किंग प्लेटफार्म और विभिन्न डिफेंस और ऑटोमोटिव फोरम्स पर फैलना शुरू हुआ. हालांकि, इस संदेश में कोई तथ्य नहीं है.

‘आप बेशर्म हो सकते है………मैं नहीं’ टाटा का पाकिस्तान को यह जवाब 15 जुलाई 2016 को एक यूट्यूब वीडियो में प्रकाशित हुआ जिसे 6 लाख से ज्यादा व्यूज और 10000 लाइक्स मिले है. यह पिछले छह सालों में फैलायी गई उसी कहानी का वर्णन करता है.

हमें इस विषय पर टाटा मोटर्स की आधिकारिक वेबसाइट पर कोई भी प्रेस रिलीज़ नहीं मिल सकी. हालांकि, 16 जुलाई 2013 को टाटा मोटर्स के आधिकारिक हैंडल से एक ट्वीट यह पुष्टि करता है कि यह दावा झूठा है. और इस खबर के बारे में टाटा मोटर्स के प्रवक्ता से ली गई आधिकारिक प्रतिक्रिया नीचे दी गई है:
“यह खबर गलत है – कंपनी को ऐसा कोई ऑर्डर नहीं मिला है, और भारत और पाकिस्तान के बीच में ऑटोमोबाइल का व्यापार प्रतिबंधित सूची में हैं. इसलिए, पाकिस्तान ने ऑटोमोबाइल्स के लिए टाटा मोटर्स को कोई ऑर्डर दी है इस बात का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है.”

ट्वीट अनुवादित

@आरएनटाटा2000 को जवाब देते हुए

@आरएनटाटा2000 नमस्ते सर, मैंने कहीं पढ़ा है कि आपने पाकिस्तान को बहुत पहले टाटा सूमो की सप्लाई करने से मना कर दिया, क्या यह सच है?

@दमयंक्स यह सच नहीं है. मौजूदा नियमों के अनुसार, जो निर्धारित करते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच में ऑटोमोबाइल्स का व्यापार प्रतिबंधित सूची में हैं.

5 सुबह 11:01 बजे – 16 जुलाई, 2013

इसलिए, यह संदेश एक धोखाधड़ी/ चकमा देनेवाला है और इसे शेयर नहीं किया जाना चाहिए. ऐसे संदेश सोशल मीडिया पर लंबे समय से फ़ैल रहे हैं और विशिष्ट समय के बाद प्रसारित होते रहते हैं जिन्हें रोकने की आवश्यकता है.
और यह केवल तभी हो सकता है जब हम जागरूक हो जाएं और किसी भी संदेश को फॉरवर्ड करना बंद कर दें जो हमारी किसी बात को समझे बिना पुष्टि करने प्रवृत्ती से मेल खाता है या उसको भड़काता है.

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